aise chup hain ki ye manzil bhee kadee ho jaise - - ghulam ali

Title:aise chup hain ki ye manzil bhee kadee ho jaise - - ghulam ali Movie:non-Film Singer:Ghulam Ali Music:unknown Lyricist:Ahmed Faraz

English Text
देवलिपि


ऐसे चुप हैं कि ये मंज़िल भी कड़ी हो जैसे
तेरा मिलना भी जुदाई की घड़ी हो जैसे

अपने ही साये से हर गाम लरज़ जाता हूँ
रास्ते में कोई दीवार खड़ी हो जैसे

मंज़िलें दूर भी हैं मंज़िलें नज़दीक भी हैं
अपने ही पाँव में ज़ंजीर पड़ी हो जैसे

कितने नादाँ हैं तेरे भूलने वाले कि तुझे
याद करने के लिये उम्र पड़ी हो जैसे

आज दिल खोल के रोये हैं तो यूँ ख़ुश हैं फ़राज़
चन्द लम्हों की ये राहत भी बड़ी हो जैसे