bahut us galee ke kiye hain re phere - - saigal

Title:bahut us galee ke kiye hain re phere - - saigal Movie:non-Film Singer:K L Saigal Music:unknown Lyricist:unknown

English Text
देवलिपि


बहुत उस गली के किये हैं रे फेरे
यह जिनके लिये था, हुए वह न मेरे

पहुँचना उन्हें देखने की ललक में
कभी दिन ढला कर, किसी दिन सवेरे

(फिर उस देश में काहे)
फिर उस देश में हो तो काहे को आना
जहाँ चार दिन को लगाये हैं डेरे

सहारा नहीं रुत का, है क्या सुहाना
इस इक डाल पर हैं सभी के बसेरे

लगी जब से आँख आरज़ू की यह गत है
न सोना सवेरे न उठना सवेरे