bane ho ek kaaq se to door kyaa qareeb kyaa

Title:bane ho ek kaaq se to door kyaa qareeb kyaa Movie:Aarti Singer:Lata Mangeshkar Music:Roshan Lyricist:Majrooh Sultanpuri

English Text
देवलिपि


बने हो एक ख़ाक से, तो दूर क्या क़रीब क्या -(३)
लहु का रंग एक है, अमीर क्या गरीब क्या
बने हो एक ...

वो ही जान वो ही तन, कहाँ तलक़ छुपाओगे -(२)
पहन के रेशमी लिबाज़, तुम बदल न जाओगे
के एक जात हैं सभी -(२)
तो बात है अजीब सी
लहु का रंग एक है ...

गरीब है वो इस लिये, तुम अमीर हो गये -(२)
के एक बादशाह हुआ, तो सौ फ़कीर हो गये
खता यह है समाज की -(२)
भला बुरा नसीब क्या
लहु का रंग एक है ...

जो एक हो तो क्यूँ ना फिर, दिलों का दर्द बाँट लो -(२)
लहु की प्यास बाँट लो, रुको कि दर्द बाँट लो
लगा लो सब को तुम गले (२)
हबीब क्या, रक़ीब क्या
लहु का रंग एक है ...