chalo chalen mitavaa in oonchee-neechee raahon men chalo chalen puravaa

Title:chalo chalen mitavaa in oonchee-neechee raahon men chalo chalen puravaa Movie:Nayak The Real Hero Singer:Kavita Krishnamurthy, Udit Narayan Music:A R Rahman Lyricist:Anand Bakshi

English Text
देवलिपि


चलो चलें मितवा इन ऊँची-नीची राहों में

तेरी प्यारी-प्यारी बाँहों में कहीं हम खो जायें

कभी नींद से जागें हम कभी फिर सो जायें

चलो चलें मितवा इन ऊँची-नीची राहों में
तेरी प्यारी-प्यारी बाँहों में कहीं हम खो जायें
कभी नींद से जागें हम कभी फिर सो जायें

लाज की रेखा मैं पार कर आई

कुछ भी कहे अब कोई मैं तो प्यार कर आई

ये अभी नहीं होगा तो कभी नहीं होगा

आ मेरे सजन कर ले मिलन

काट खाये ना हाय-हाय ये प्रेम-बिछुआ

चलो चलें मितवा इन ऊँची-नीची राहों में
तेरी प्यारी-प्यारी बाँहों में कहीं हम खो जायें
कभी नींद से जागें हम कभी फिर सो जायें

आ तुझे अपनी पलकों पे मैं बिठा के ले चलता हूँ

चल तुझे सारी दुनिया से मैं छुपा के ले चलता हूँ

मैं तेरे पीछे हूँ पाँव के नीचे हूँ

नैन भी मीचे हूँ सुन ओ सैय्यां रे ले बैय्यां

ये अभी नहीं होगा तो कभी नहीं होगा
आ मेरे सजन कर ले मिलन
काट खाये ना हाय-हाय ये प्रेम-बिछुआ

चलो चलें मितवा इन ऊँची-नीची राहों में
तेरी प्यारी-प्यारी बाँहों में कहीं हम खो जायें
कभी नींद से जागें हम कभी फिर सो जायें

आग दिल में लग जाती है नींद अब किसको आती है

नींद आने से पहले ही याद तेरी आ जाती है

चाँद दीपक बाती सब हमारे साथी

प्यार के बाराती कल परसों से नहीं, बरसों से

ये अभी नहीं होगा तो कभी नहीं होगा
आ मेरे सजन कर ले मिलन
काट खाये ना हाय-हाय ये प्रेम-बिछुआ

चलो चलें मितवा इन ऊँची-नीची राहों में
तेरी प्यारी-प्यारी बाँहों में कहीं हम खो जायें
कभी नींद से जागें हम कभी फिर सो जायें

लाज की रेखा मैं पार कर आई
कुछ भी कहे अब कोई मैं तो प्यार कर आई
ये अभी नहीं होगा तो कभी नहीं होगा
आ मेरे सजन कर ले मिलन
काट खाये ना हाय-हाय ये प्रेम-बिछुआ

चलो चलें मितवा इन ऊँची-नीची राहों में
तेरी प्यारी-प्यारी बाँहों में कहीं हम खो जायें
कभी नींद से जागें हम कभी फिर सो जायें

ओ हो ओ ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ -२
ओ हो ओ ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ

Second version:

ओह रे ओह रे चलो चलें पुरवा -२

चलो चलें पुरवा इन ऊँची-नीची राहों में

इन ऊँची-नीची राहों में कहीं हम खो जायें

कभि नींद से जागें हम कभी फिर सो जायें

चलो चलें पुरवा इन ऊँची-नीची राहों में
इन ऊँची-नीची राहों में कहीं हम खो जायें
कभी नींद से जागें हम कभी फिर सो जायें

नींद से मैं जागी ले के अँगड़ाई

जग छोड़ा घर छोड़ा तेरे साथ मैं आई

ये अभी नहीं होगा तो कभी नहीं होगा
तू मेरी सखी मैं तेरी सखी

और कोई ये चाहें माने ना माने

चलो चलें पुरवा इन ऊँची-नीची राहों में
इन ऊँची-नीची राहों में कहीं हम खो जायें
कभी नींद से जागें हम कभी फिर सो जायें

( चलो चलें मितवा इन ऊँची-नीची राहों में
तेरी प्यारी-प्यारी बाँहों में कहीं हम खो जायें
कभी नींद से जागें हम कभी फिर सो जायें ) -२