dil dhoondhataa hai, phir vahee, fursat ke raat din

Title:dil dhoondhataa hai, phir vahee, fursat ke raat din Movie:Mausam Singer:Lata Mangeshkar, Bhupinder Music:Madan Mohan Lyricist:Gulzar

English Text
देवलिपि


दिल ढूँढता है फिर वही फ़ुरसत के रात दिन - (२)
बैठे रहे तसव्वुर-ए-जानाँ किये हुए
दिल ढूँढता है फिर वही फ़ुरसत के रात दिन...

जाड़ों की नर्म धूप और आँगन में लेट कर - (२)
आँखों पे खींचकर तेरे आँचल के साए को
औंधे पड़े रहे कभी करवट लिये हुए
दिल ढूँढता है फिर वही फ़ुरसत के रात दिन...

या गरमियों की रात जो पुरवाईयाँ चलें - (२)
ठंडी सफ़ेद चादरों पे जागें देर तक
तारों को देखते रहें छत पर पड़े हुए
दिल ढूँढता है फिर वही फ़ुरसत के रात दिन...

बर्फ़ीली सर्दियों में किसी भी पहाड़ पर - (२)
वादी में गूँजती हुई खामोशियाँ सुनें
आँखों में भीगे भीगे से लम्हे लिये हुए
दिल ढूँढता है फिर वही फ़ुरसत के रात दिन...