do deevaane shahar men

Title:do deevaane shahar men Movie:Gharaondaa/ The Nest Singer:Bhupinder, Runa Laila Music:Jaidev Lyricist:Gulzar

English Text
देवलिपि


Dialogs first:
भू: एक दीवाना शहर में
रू: एक दीवाना नहीं, एक दीवानी भी
भू: Hmm hmm-hmm. [it is hard to transcribe sounds! :-)]

then the song starts:
भू: दो दीवाने शहर में, रात में और दोपहर में
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं एक आशियाना ढूँढते हैं
रू: दो दीवाने शहर में, रात में और दोपहर में
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं एक आशियाना ढूँढते हैं

रू: इन भूलभुल{}इया गलियों में, अपना भी कोई घर होगा
अम्बर पे खुलेगी खिड़की या, खिड़की पे खुला अम्बर होगा
भू: इन भूलभुल{}इया गलियों में, अपना भी कोई घर होगा
अम्बर पे खुलेगी खिड़की या, खिड़की पे खुला अम्बर होगा
असमानी रंग की आँखों में
रू: असमानी या आसमानी
भू: असमानी रंग की आँखों में
बसने का बहाना ढूंढते हैं, ढूंढते हैं
रू: आबोदाना ढूंढते हैं एक आशियाना ढूंढते हैं

भू: जब तारे ज़मीं पर चलते हैं
रू: तारे, और ज़मीं पर
भू: of course
भू: जब तारे ज़मीं पर चलते हैं
रू: Hmmm hmmm
भू: आकाश ज़मीं हो जाता है
रू: आ आ आ
भू: उस रात नहीं फिर घर जाता, वो चांद यहीं सो जाता है
रू: जब तारे ज़मीं पर चलते हैं
आकाश ज़मीं हो जाता है
उस रात नहीं फिर घर जाता, वो चांद यहीं सो जाता है
भू: पल भर के लिये
रू: पल भर के लिये
भू: पल भर के लिये इन आँखों में हम एक ज़माना ढूंढते हैं, ढूंढते हैं
रू: आबोदाना ढूंढते हैं एक आशियाना ढूंढते हैं

एक अकेला इस शहर में, रात में और दोपहर में
आब-ओ-दाना ढूँढता है, आशियाना ढूँढता है

दिन खाली खाली बर्तन है, और रात है जैसे अंधा कुँवा
इन सूनी अन्धेरी आँखों में, आँसू की जगह आता हैं धुँ_आ
जीने की वजह तो कोई नहीं, मरने का बहाना ढूँढता है
एक अकेला इस शेहर में

इन उम्र से लम्बी सड़कों को, मन्ज़िल पे पहुँचते देखा नहीं
बस दौड़ती फिरती रहती हैं, हम ने तो ठहरते देखा नहीं
इस अजनबी से शेहर में, जाना पहचाना ढूँढता है
एक अकेला इस शेहर में