ek hee baat zamaane kee kitaabon men naheen - - rafi

Title:ek hee baat zamaane kee kitaabon men naheen - - rafi Movie:Non-Film Singer:Mohammad Rafi Music:Taj Ahmed Khan Lyricist:Sudarshan Faakir

English Text
देवलिपि


एक ही बात ज़माने की किताबों में नहीं
जो ग़म-ए-दोस्त मे नशा है शराबों में नहीं

हुस्न की भीक न माँगेंगे न जलवों की कभी
हम फ़क़ीरों से मिलो खुल के हिजाबों में नहीं

हर जगह फिरते हैं आवारा ख़यालों की तरह
ये अलग बात है हम आपके ख़्वाबों में नहीं

न डुबो साग़र-ओ-मीना में ये ग़म ऐ फ़ाक़िर
के मक़ाम इनका दिलों में है शराबों में नहीं