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Title:gam jahaan itane sahe ek sitam aur sahee Movie:Ik Sitam Aur Sahi (Pakistani-Film) Singer:Noorjahan Music:Nazir Ali Lyricist:Tasleem Fazli
ग़म जहाँ इतने सहे, एक ग़म और सही -२
आज अपनों के लिये, दिल के टुकड़ों के लिये
एक सितम और सही
ग़म जहाँ इतने सहे, एक ग़म और सही
आज अपनों के लिये, दिल के टुकड़ों के लिये
एक सितम और सही
ग़म जहाँ इतने सहे, एक ग़म और सही
आज फिर रूप सजाया के ख़रीदार मिलें -२
फिर नये कूँचे मिलें, फिर नये बाज़ार मिलें
कल तलक नाचे थे हम सारे ज़माने के लिये
आज हम गायेंगे तक़दीर बनाने के लिये
दिल जहाँ ज़ख़्मी हुआ, आँख नम और सही
आज अपनों के लिये, दिल के टुकड़ों के लिये
एक सितम और सही
ग़म जहाँ इतने सहे, एक ग़म और सही
आ
क्यूँ न हम बेचें अदायें के तवाएफ़ हैं हम -२
क्यूँ न बाज़ार सजायें के तवाएफ़ हैं हम
मिल नहीं सकता हमें कोई शरीफ़ों में मक़ाम
किसलिये फिर न करें अपने बदन का नीलाम
बेहयाई की तरफ़ एक क़दम और सही
आज अपनों के लिये, दिल के टुकड़ों के लिये
एक क़दम और सही
ग़म जहाँ इतने सहे, एक ग़म और सही
आज अपनों के लिये, दिल के टुकड़ों के लिये
एक सितम और सही
ग़म जहाँ इतने सहे, एक ग़म और सही