gunagunaatee hai hawaa phool khile deep jale

Title:gunagunaatee hai hawaa phool khile deep jale Movie:Kalaam-E-Mohabbat (Non-Film) Singer:Ghulam Ali Music:Allahuddin Khan Lyricist:Sant Darshan Singh Ji Maharaj

English Text
देवलिपि


गुनगुनाती है हवा फूल खिले दीप जले
हँस पड़ी रात महकते हुये आँचल के तले

यूँ तमन्नायें चमक उठती हैं दिल में जैसे
चेहरा-ए-वक़्त पे रह रह के कोई हाथ मले

बच के तारों की निगाहों से गुलों से छुप कर
दो निगाहों की मुलाकात हुई रात ढले

रंग-ओ-ख़ुश्बू से छलकने लगा मयख़ाना-ए-दिल
साक़िया जाम चले जाम चले जाम चले

आज दर्शन नये अन्दाज़ से है गर्म-ए-नवा
उसकी आवाज़ से नग़्मों के नय दीप जले