guzaraa zamaanaa haaye guzaraa zamaanaa - - beena chowdhury

Title:guzaraa zamaanaa haaye guzaraa zamaanaa - - beena chowdhury Movie: (Non-Film) Singer:Beena Chowdhury Music:unknown Lyricist:unknown

English Text
देवलिपि


गुज़रा ज़माना हाये गुज़रा ज़माना
ना भूल सकी अब तक चाहती हूँ भुलाना

उस नन्न्हीं नन्न्हीं घास पे जा पाँव फैलाना
फूलों को तोड़ तोड़ के वो हार बनाना
मन्दिर की छाँव के तले वो हँसना हँसाना
उस बूढ़े पुजारी का हमसे प्रेम जताना
खोयी हुई नज़रों से मन का गीत सुनाना
ना भूल सकी ...

उनके महल में हँस रही है आज रागिनी
रोती है झोंपड़ी में हाये मेरी ओढ़नी
बिगड़ी तो ऐसे बिगड़ी है अब तक नहीं बनी
ख़ुशियों को चूमते हैं क़िस्मत के वो धनी
अब मौत भी करती है क्यूँ आने में बहाना
ना भूल सकी ...

हैं फूल भी वैसे ही मन्दिर भी वही है
गलियाँ वही पुरानी और घर भी वही है
बुलबुल के गीत भी हैं सरवर भी वही है
सब कुछ वही है पर नहीं काजल का सिर्हाना
ना भूल सकी ...