ham gavanavaa naa jaibe vikal moraa manavaa

Title:ham gavanavaa naa jaibe vikal moraa manavaa Movie:Mamta Singer:Lata Mangeshkar Music:Roshan Lyricist:Majrooh Sultanpuri

English Text
देवलिपि


हम गवनवा ना जइबे हो बिना झूलनी
अम्बुवा की डारी पड़ रही बूँदिया
अचरा से उलझे लहरिया
लहरिया हो बिना झूलनी
हम गवनवा ना जैबे हो बिना झूलनी

सकल बन गगन पवन चलत पुरवाई री माई -२
ऋतु बसन्त आई फूलन छाई बेलरिया
डार डार अम्बुवन की कोहरिया
रही पुकार और मेघवा बूँदन झरनाई
सकल बन गगन पवन चलत पुरवाई री

विकल मोरा मनवा, तुम बिन हाय
आए न सजना रितु बीती जाए
विकल मोरा मनवा, तुम बिन हाय

भोर पवन चली, बुझ गए दीपक
चली गई रैन श्रृंगार की
कैसे विरहा की धूप ढली
अरी ऐ कली अँखियन की पड़ी कुम्हलाए
विकल मोरा मनवा ...

युग से खुले हैं पट नैनन के मेरे
युग से अन्धेरा मोरा अंगना
सूरज चमका न चांद खिला
अरी ऐ जला रही अपना, तन मन हाय
विकल मोरा मनवा ...