husn pe itanaa ek kabhee do kabhee

Title:husn pe itanaa ek kabhee do kabhee Movie:Baaghi Singer:Kavita Krishnamurthy, Chorus Music:Sajid Wajid Lyricist:Faiz Anwar

English Text
देवलिपि


हाय
हुस्न पे इतना मगरूर क्यूं है चार दिन की है ये ज़िंदगानी
एक चढ़ती उतरती नदी है जिसको समझा है तूने जवानी
हे हे हे ला ल ला
एक कभी हे दो कभी हे हे
एक कभी दो कभी तीन कभी चार चार आने लगे मेरी गली हाय
होय होय हे
एक कभी दो कभी ...

भंवरे बहुत मैं अकेली कली
कोई कहे हे लैला मुझे हे हे
कोई कहे लैला मुझे
कोई कहे sweetyमुझे कोई कहे मनचली
हाय भंवरे बहुत ...

शोख अदाएं ये तीखी निगाहें गुलाब सा महका बदन
रूप की मस्ती ये आँखों का जादू दीवानों का दीवानापन हो
देख लूं मैं हे हँस के जिसे हे हे
हँस के जिसे देख लूं मैं
समझो के बस मचने लगे दिल में उसके खलबली
हाय भंवरे बहुत ...

आई है कैसी निगोड़ी जवानी के फंस गई मुश्किल में जां
घर से निकलना मुहाल हो गया है मैं जाऊं तो जाऊं कहां हो
सबसे हसीं हे सबसे जुदा हे हे
सबसे जुदा सबसे हसीं
मुझसी यहां कोई नहीं लड़की हूँ मैं चुलबुली
हाय भंवरे बहुत ...