ik shammaa jalatee hee rahee parawaanaa aayaa hee naheen - - habib wali mohamed

Title:ik shammaa jalatee hee rahee parawaanaa aayaa hee naheen - - habib wali mohamed Movie:non-Film Singer:Habib Wali Mohammad Music:unknown Lyricist:Sehba Akhtar

English Text
देवलिपि


इक शम्मा जलती ही रही
परवाना आया ही नहीं
उस बेवफ़ा के प्यार में
वो रात भर रोती रही
इक शमा जलती ही रही
परवाना आयाही नहीं

कहा उसने रो के ओ बेवफ़ा
तेरी बाहें थीं मेरा हार, हार रे
तेरा प्यार था मेरी ज़िंदगी
कहान खो गया तेरा प्यार, प्यार रे
तेरे साथ ऐसी बहार थी
के जो रात थी वो सिंगार थी
के जो रात थी वो सिंगार थी
मेरा हर सिंगार मिटा दिया
मुझे तूने कैसा सिला दिया
के ख़ुशी भी ग़ुम में बदल गई
मेरी सेज शोलों में ढल गई
इक शम्मा जलती ही रही
पर्वाना आया ही नहीं

जिसे समझा शम्म ने बेवफ़ा
वो चला के बात ना जाये रे, जाये रे
मगर एक आंधी ने राह में
उसे ज़खमी कर दिया हाये रे हाय रे
वो हुज़ोओर-ए-हुस्न तो आ गया
परझल का साया भी छा गया
परझल का साया भी छा गया
न ख़बर थी शम्मा को ये मगर
के जो पास टूटे पड़े हैं पर
हैं निशानी उसके ही प्यार की
जो निस्सार कर गया ज़िंदगी
पर शमा कहती ही रही
पर्वाना आया ही नहीं
पर्वाना आया ही नहीं
पर्वाना आया ही नहीं