kamoshiyaan gunagunaane lageen

Title:kamoshiyaan gunagunaane lageen Movie:One Two ka Four Singer:Lata Mangeshkar, Sonu Nigam Music:A R Rahman Lyricist:Mehboob

English Text
देवलिपि


ख़मोशियाँ गुनगुनाने लगीं तन्हाइयाँ मुस्कुराने लगीं -३

सरगोशी करे हवा चुपके से मुझे कहा

दिल का हाल बता दिलबर से न छुपा

सुन के बात ये शर्म से मेरी आँखें झुक जाने लगीं

ख़मोशियाँ गुनगुनाने लगीं तन्हाइयाँ मुस्कुराने लगीं
सरगोशी करे हवा चुपके से मुझे कहा
दिल का हाल बता दिलबर से ना छुपा
सुन के बात ये शर्म से मेरी आँखें झुक जाने लगीं

जाग उठा है सपना किसका मेरी इन आँखों में

एक नई ज़िंदगी शामिल हो रही साँसों में

किसी की आती है सदा हवाओं में

किसी की बातें हैं दबी सी होंठों में

रात-दिन मेरी आँखों में कोई परछाईं लहराने लगी

ख़मोशियाँ गुनगुनाने लगीं तन्हाइयाँ मुस्कुराने लगीं

दिल का ये कारवाँ यूँ ही था रवाँ-रवाँ

मंज़िल न हमसफ़र लेकिन नये मेहरबाँ

तेरी वो एक नज़र कर गई असर दुनिया सँवर जाने लगी

ख़मोशियाँ गुनगुनाने लगीं तन्हाइयाँ मुस्कुराने लगीं

शर्म-ओ-हया से कह दो ख़ुदा-हाफ़िज़ ओ मेरी जाना

है घड़ी मिलन की ख़ुदारा लौट के न आना

रात का पर्दा हमारी ही ख़ातिर

सजे हैं हम भी तो तुम्हारी ही ख़ातिर

जैसे-जैसे तुम पास आते हो साँसें रुक जाने लगीं

ख़मोशियाँ गुनगुनाने लगीं -२
तन्हाइयाँ मुस्कुराने लगीं -२

दिल का ये कारवाँ यूँ ही था रवाँ-रवाँ
मंज़िल न हमसफ़र लेकिन नये मेहरबाँ
तेरी वो एक नज़र कर गई असर दुनिया सँवर जाने लगी

ख़मोशियाँ गुनगुनाने लगीं तन्हाइयाँ मुस्कुराने लगीं

ख़मोशियाँ गुनगुनाने लगीं तन्हाइयाँ मुस्कुराने लगीं -२
( ख़मोशियाँ गुनगुनाने लगीं तन्हाइयाँ मुस्कुराने लगीं
सरगोशी करे हवा चुपके से मुझे कहा
दिल का हाल बता दिलबर से ना छुपा
सुन के बात ये शर्म से मेरी आँखें झुक जाने लगीं ) -२

जाग उठा है सपना किसका मेरी इन आँखों में
एक नई ज़िंदगी शामिल हो रही साँसों में
किसी की आती है सदा हवाओं में
किसी की बातें हैं दबी सी होंठों में
रात-दिन मेरी आँखों में कोई परछाईं लहराने लगी

ख़मोशियाँ गुनगुनाने लगीं तन्हाइयाँ मुस्कुराने लगीं
दिल का ये कारवाँ यूँ ही था रवाँ-रवाँ
मंज़िल न हमसफ़र लेकिन नये मेहरबाँ
तेरी वो एक नज़र कर गई असर दुनिया सँवर जाने लगी

बेख़याली में भी आता है ख़याल तेरा

बेक़रारी मेरी करती है सवाल तेरा

तेरी वफ़ाओं की उम्मीद है मुझको तेरी निगाहों की पनाह दे मुझको

सुन ऐ हमनशीं आस ये तेरी मुझको तड़पाने लगी

ख़मोशियाँ गुनगुनाने लगीं ख़मोशियाँ गुनगुनाने लगीं
तन्हाइयाँ मुस्कुराने लगीं तन्हाइयाँ मुस्कुराने लगीं

दिल का ये कारवाँ यूँ ही था रवाँ-रवाँ
मंज़िल न हमसफ़र लेकिन नये मेहरबाँ
तेरी वो एक नज़र कर गई असर दुनिया सँवर जाने लगी

ख़मोशियाँ गुनगुनाने लगीं तन्हाइयाँ मुस्कुराने लगीं