maatee kahe kumhaar ko too kyaa roonde mohe - - laxmi shankar

Title:maatee kahe kumhaar ko too kyaa roonde mohe - - laxmi shankar Movie:non-Film Singer:Laxmi Shankar Music:unknown Lyricist:Kabir

English Text
देवलिपि


(माटी कहे कुम्हार को तू क्या रूँदे मोहे
एक दिन ऐसा होयेगा मैं रूँदुँगी तोहे)-२

(आये हैं सो जाएँगे राजा रंक फ़क़ीर)-२
एक सिंघासन चढ़ि चले एक बँधे जंजीर

दुर्बल को न सताइये जाकी मोटी हाय
बिना जीभ के स्वास सौं लौह भस्म होइ जाय

चलती चाकी देखके दिया कबीरा रोय
दो पाटन के बीच में (बाकी बचा न कोय)-२

दुख में सुमिरन सब करें सुख में करे न कोय
जो सुख में सुमिरन करें तो दुख काहे होय

(पत्ता टूटा डाल से ले गई पवन उड़ाय)-२
अबके बिछड़े कब मिलेंगे दूर पड़ेंगे जाय

कबीर आप ठगाइये और न ठगिये कोय
आप ठगे सुख ऊपजे (और ठगे दुख होय)-२

माटी कहे कुम्हार को तू क्या रूँदे मोहे
एक दिन ऐसा आएगा (मैं रूँदुँगी तोहे)-२