mujhe dekh ek azaab men, kabhee kaab men

Title:mujhe dekh ek azaab men, kabhee kaab men Movie:Yaadgar Ghazlen (Non-Film) Singer:Ghulam Ali Music:unknown Lyricist:unknown

English Text
देवलिपि


मुझे देख एक अज़ाब में, कभी ख़ाब में
कभी आतिश-ए-सर-ए-ख़ाब में, कभी ख़ाब में

कोई नक़्ल झूमता है निगाह के रू-ब-रू
कभी इंतज़ार-ए-सहाब में, कभी ख़ाब में

कभी बाद-ओ-आतिश-ए-तेज़ में है मेरी नमूँ
कभी ख़ाक में, कभी आब में, कभी ख़ाब में

कभी अपनी तर्ज़ बदल बदल के भी मिल हमें
कभी आश्नाई के बाब में, कभी ख़ाब में

हमें फिर से ताज़ा हक़ीक़तों का सुराग़ दे
कभी पर्दा आये हिजाब में, कभी ख़ाब में