muralee manohar hamen gop guaalaa kahate hain

Title:muralee manohar hamen gop guaalaa kahate hain Movie:Jhanak Jhanak Paayal Baaje Singer:Lata Mangeshkar, Manna De Music:Vasant Desai Lyricist:Diwan Sharar

English Text
देवलिपि


मुरली मनोहर कृष्ण कन्हैया
जमुना के तट पे विराजे हैं

मुरली मनोहर कृष्ण कन्हैया
जमुना के तट पे विराजे हैं

मोर मुकुट पर कानों में कुण्डल
कर में मुरलिया मुरलिया मुरलिया साजे है

इतने में दी दिखाई राधा
राधा राधा राधा

पनघट पर से आय रही

कतराय रही
शरमाय रही
मुसकाय रही बलखाय रही

इधर बंशी में लहर सी उठी
कृष्ण के मुख पर सजने लगी

पर आप ही आप से बजने लगी बजने लगी बजने लगी

लम्बा सा घूँघट काढ़ लिया
बंशी के सुरों पर झूम गई
हर सरत डगरिया मोह ली
मोहन की ओर ही दुमकित दुमकित दुमकित धूम गई

फिर कृष्ण कन्हैया नटखट ने
राधा की कलैया थाम लई
राधा ने पुकारा
राधा ने पुकारा
हाय दई कोई आओ सखी कोई आओ सखी
फिर हाथ छुड़ा कर बोली हटो
फिर हाथ छुड़ा कर बोली हटो
अब जावो डगरिया छोड़ मोरी
कहा कृष्ण ने चुप रह
वरना दूँगा गगरिया फोड़ तोरी

राधा तब उसकी शोख़ी पर कुछ बिगड़ी भी
मुसकाई भी
फिर कॄष्ण से पूछा
कौन हो तुम क्या नाम है जी
क्या काम है जी क्या काम है जी

म : ओ
हमें गोप गुआला कहते हैं -२
और कृष्ण दिया है नाम हमें नाम हमें
कोई नटवर गिरधर कहता है -२
और कोई कहे घनश्याम हमें

ल : घनश्याम नहीं तुम काले हो -२
तुम नटखट हो मतवाले हो मतवाले हो
चितचोर हो माखन चोर नहीं -२
सुख-चैन चुराने वाले हो
घनश्याम नहीं

राधा ने उनको हाथ दिया
और कृष्ण ने उनका साथ दिया
कुछ बात हुई कुछ घात हुई
इतने में सूरज डूब गया -२
राधा की पायल जाग उठी
दोनों में कला की राग उठी

अब रैन को दीप सँवारे थे
और नील गगन पे तारे थे
रैन को दीप सँवारे थे
और नील गगन पे तारे थे
राधा को विदा के इशारे
राधा को विदा के इशारे थे
राधा ने आँचल बाँध लिया
मुरली को सम्भाला माधव ने