neend kabhee rahatee thee aankhon men

Title:neend kabhee rahatee thee aankhon men Movie:Aasra Singer:Lata Mangeshkar Music:Laxmikant, Pyarelal Lyricist:Anand Bakshi

English Text
देवलिपि


नींद कभी रहती थी आँखों में अब रहते हैं साँवरिया
चैन कभी रहता था इस दिल में अब रहते हैं साँवरिया

लोग मुझसे कहें देखो उधर निकला है चाँद
कौन देखे उधर जाने किधर निकला है चाँद
चाँद कभी रहता था नज़रों में अब रहते हैं साँवरिया
नींद कभी रहती थी ...

झूठ बोली पवन कहने लगी आई बहार
हम बाग़ में गए देखा वहाँ प्यार ही प्यार
फूल रहते होंगे चमन में कभी अब रहते हैं साँवरिया
नींद कभी रहती थी ...

बात पहले भी और तूफ़ान से डरते थे हम
बात अब और है अब है हमें काहे का ग़म
साथ कभी माँझी था संग लेकिन अब रहते हैं साँवरिया
नींद कभी रहती थी ...