nigaahen neechee kie mahake hue tere lab ke gulaab

Title:nigaahen neechee kie mahake hue tere lab ke gulaab Movie:Jaisi Karni Waisi Bharni Singer:Sadhana Sargam, Mohammed Aziz Music:Rajesh Roshan Lyricist:Indeevar

English Text
देवलिपि


निगाहें नीची किए सर झुकाए बैठे हो
तुम्हीं तो हो जो मेरा दिल चुराए बैठे हो

महके हुए तेरे लब के गुलाब बढ़ता हुआ तेरा कमसिन शबाब
तेरा अंगूरी तन जो हुआ है हाय रे आज पानी भी मदिरा हुई है

रोक पाएगी क्या मुझको शर्म-ओ-हया
दिल में दबता नहीं ऐसा तूफ़ां उठा
लड़के हद से गुज़रने लगे हैं हाय रे कली भंवरे पे मरने लगी है

मिलना ज़रूरी हुआ दो दिलों का मिलने के रस्ते निकाले
जिस्मों ने जो फ़ासले चुन लिए थे दिल ने वो खुद तोड़ डाले
चाँद तारों की क्या है ज़रूरत मुझे तेरे तन के बहुत हैं उजाले
दिल छू गई तेरी तीखी नज़र तीखी नज़र कर गई क्या असर
तन में अंगारा दहका हुआ है हाय रे आज मन है के हो
आज मन है के बहका हुआ है

सूरज ये बोला कली तू खिल जा किरणों के हार तुझे दूंगा
बादल ये बोला कली तू खिल जा नई बहार तुझे दूंगा
भंवरे ने कहा कुछ भी दूंगा नहीं मैं तो तेरा प्यार लूंगा
कहना सुन भंवरे का हँस के खिल गई कली
किसी लालच की बात ना कली पर चली प्यार देकर निखरने लगी है हाय रे
कली भंवरे पे मरने ...