patthar hai kudaa, patthar ke sanam - - jagjit singh

Title:patthar hai kudaa, patthar ke sanam - - jagjit singh Movie:non-Film Singer:Jagjit Singh Music:Jagjit Singh Lyricist:Sudarshan Faakir

English Text
देवलिपि


पत्थर के ख़ुदा, पत्थर के सनम
पत्थर के ही इंसाँ पाये हैं
तुम सहर-ए-मोहब्बत कहए हो
हम जान बचा कर आये हैं

बुतखाना समझते हो जिसको
पूच्छो न वहाँ क्या हालत है
हम लोग वहीं से लौटे हैं
बस शुक्र करो लौत आये हैं

हम सोच रहे हैं मुद्दत से
अब उम्र गुज़ारें भी तो कहाँ
सहरा में ख़ुशी के फूल नहीं
शहरों में ग़मों के साये हैं

होंठों पे तबस्सुम हल्का सा
आँखों में नमी सी ऐ फ़ाक़िर
हम अहल-ए-मोहब्बत पर अक्सर
ऐसे भी ज़माने आये हैं