prem kaa hai is jag men panth niraalaa

Title:prem kaa hai is jag men panth niraalaa Movie:President Singer:K L Saigal Music:R C Boral Lyricist:unknown

English Text
देवलिपि


प्रेम का है इस जग में पंथ निराला
प्रेम तो है इस दुनिया में कारण दुःख का
प्रेमी को होता है अनुभव सुख का
शीतल पवन है उसको प्रेम की ज्वाला (२)
प्रेम का है इस जग में पंथ निराला

प्रेम जपन की जग में रीत है न्यारी
असुवन के मनकों पर प्रेम पुजारी
रो-रो कर जपता है प्रेम की माला (२)
प्रेम का है इस जग में पंथ निराला

पागल प्रेमी अब तू क्यों रोता है, प्रेम का तो ऐसा ही फल होता है (२)
पहले काहे न तूने देखा-भाला (३)