raat ko chupake se main chaahoon sapanon men

Title:raat ko chupake se main chaahoon sapanon men Movie:Khwahish Singer:Asha Bhonsle Music:Milind Sagar Lyricist:Faaiz Anwar

English Text
देवलिपि


रात को चुपके से आता है इक फ़रिश्ता
कुछ ख़ुशियों के लम्हे लाता है इक फ़रिश्ता
कहता है सपनों के आग़ोश में खो जाओ
तुम भूल के ग़म सारे चुपके से सो जाओ

मैं मूँद के पलकों को जाने कब सो जाती हूँ
अनजानी नगरी में कहीं गुम हो जाती हूँ

मैं चाहूँ सपनों में बस साथ तुम्हारा हो -२
( इन मेरे हाथों में ) -२ हाथ तुम्हारा हो
मैं चाहूँ सपनों में बस साथ तुम्हारा हो

गीतों की रिमझिम में चाहत के मौसम में
तुम हमसे मिलते हो हम तुमसे मिलते हैं
दिन-रात बदलते हैं हालात बदलते हैं
हर इक पल हर इक लम्हा हम संग-संग चलते हैं
फिर सुबह होती है और टूटते हैं सपने
ना जाने ऐसे क्यों रूठते हैं सपने
तुम तनहा रहते हो मैं तनहा रहती हूँ
एक बार नहीं सौ बार मैं फिर भी कहती हूँ
मैं चाहूँ सपनों में बस साथ तुम्हारा हो

अनजानी राहों में जीवन की बाँहों में
कभी सुख भी मिलते हैं कभी दुख भी मिलते हैं
कल किसने देखा है कल किसने जाना है
तक़दीर के ये अफ़साने हम सबको छलते हैं
कभी ख़्वाहिश इस दिल की यहाँ पूरी होती है
कभी ख़्वाहिश इस दिल की दिल में ही रहती है
पल-पल ये सफ़र लेकिन चलता ही रहता है
हर साँस में एक रंग नया भरता ही रहता है
मैं चाहूँ सपनों में बस साथ तुम्हारा हो -२
( इन मेरे हाथों में ) -२ हाथ तुम्हारा हो
मैं चाहूँ सपनों में बस साथ तुम्हारा हो
मैं चाहूँ सपनों में