vaahe guroo ye zameen hai rahaguzar tere mere vaaste

Title:vaahe guroo ye zameen hai rahaguzar tere mere vaaste Movie:Dillagi Singer:Chorus, Roop Kumar Rathod Music:Jatin, Lalit Lyricist:Javed Akhtar

English Text
देवलिपि


वाहे गुरू का खालसा वाहे गुरूजी की फ़तह
ये ज़मीं है रहगुज़र तेरे मेरे वास्ते
हर घड़ी है इक सफ़र तेरे मेरे वास्ते
नई मंज़िलों को चले नए रास्ते
ये ज़मीं है ...

इस गगन के तले हम जो घर से चले
सिर्फ़ ये ख़्वाब ही साथ है
अगले ही मोड़ पर होने को है सहर
बस ज़रा देर को रात है
ख़ुशियों से होनी अभी मुलाकात है
ये ज़मीं है ...

जाने क्यूं ये हुआ क्यूं चली ये हवा
बुझ गए हर खुशी के दिये
कैसी रुत आई है साथ जो लाई है
इतने ग़म मेरे दिल के लिए
ये गर्म आँसू कोई कैसे पिए
ये ज़मीं है ...

ग़म की दीवार से दुख की ज़ंजीर से
रुक सकी है कहां ज़िंदगी
इक नया हौसला लेके ये दिल चला
आरज़ू दिल में है फिर नई
इन आँखों में फिर हैं सजे ख़्वाब कई
ये ज़मीं है ...