zakm-e-tanhaaee men kushboo-e-hinaa kisakee thee

Title:zakm-e-tanhaaee men kushboo-e-hinaa kisakee thee Movie:Enchanting Hour (Non-Film) Singer:Ghulam Ali Music:unknown Lyricist:Muzaffar Warsi

English Text
देवलिपि


ज़ख़्म-ए-तन्हाई में ख़ुश्बू-ए-हिना किसकी थी
साया दीवार पे मेरा था सदा किसकी थी

आँसुओं से ही सही भर गया दामन मेरा
हाथ तो मैंने उठाये थे दुआ किसकी थी

मेरी आहों की ज़बाँ कोई समझता कैसे
ज़िंदगी इतनी दुखी मेरे सिवा किसकी थी

छोड़ दी किसके लिये तूने मुज़फ़्फ़र दुनिया
जुस्तज़ू सी तुझे हर वक़्त बता किसकी थी

उसकी रफ़्तार में लिपटी रहीं मेरी आँखें
उसने मुड़ कर भी न देखा कि वफ़ा किसकी थी

वक़्त की तरह दबे पाँव ये कौन आया है
मैं अन्धेरा जिसे समझा वो क़बा किसकी थी

आग से दोस्ती उसकी थी जला घर मेरा
दी गई किसको सज़ा और ख़ता किसकी थी

मैंने बीनाइयाँ बोकर भी अंधेरे काटे
किसके बस में थी ज़मीं आब-ओ-हवा किसकी थी